शनिवार, अक्टूबर 16, 2010

कुछ लोग मुझे बहुत ही नेगटिव खयालात वाला इंसान मानते हैं। गलत तो नहीं है लेकिन उन्हें हकीक़त पता नहीं है। दरअसल मुझे नेगटिव बाते करने में खूब मज़ा आता है। नेगटिव बाते करके मैं लोगो को खूब परेशान करता हूँ। वैसे भी मेरी नज़र में पोजेटिव बातों से सिर्फ दिल बहलाया जा सकता है जबकि नेगटिव बातों से दिल के भरास निकले जा सकते हैं। क्या सही कहा ना.............................

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