देखते ही देखते 4 साल बीत गए. 23 सितंबर 2013 को जब डीडी न्यूज़ में पहली बार कदम रखा तो खुद पर यक़ीन नहीं हुआ. जिस न्यूज़ चैनल को बचपन से (डीडी न्यूज़ आने से पहले नेशनल पर न्यूज़ प्रसारित होती थी) देखा करता था, उसी का हिस्सा बनने जा रहा था.
चार साल के सफर में बहुत कुछ पाया। अच्छे दोस्त, बड़े भाई समान सीनियर, मेरी परेशानी को गंभीरता से समझने वाले बॉस और बहुत कुछ. किसी न्यूज़ चैनल में काम करने का ये मेरा पहला अनुभव था. सुना था न्यूज़ चैनल में आप को सिखाने वाले कम और आप की कमियां निकालने वाले ज़्यादा होते हैं. ये डर दिल में बैठ गया था, लेकिन यहाँ आकर देखा तो कहानी बिलकुल उसके उलट थी. खुद पर यक़ीन नहीं हुआ कि मैं एक ऐसे न्यूज़ चैनल में काम कर रहा हूँ, जहाँ सीनियर को सीनियर कम बड़े भाई के रूप में ज़्यादा पाया। हाथ पकड़ कर सिखाने वाले देखे। तकलीफ के वक़्त मज़बूती से उन्हें अपने साथ खड़ा पाया। मायूसी और नाउम्मीदी के वक़्त स्नेह के साथ उनके हाथ को अपने सर पर पाया।
डीडी न्यूज़ ने मुझे एक पहचान दी. एंकर बनने का ख़्वाब भी यहीं पूरा हुआ, जब करीब बीस दिनों तक मैंने डीडी भोपाल से समाचार पढ़ा. इसके लिए मैं तत्कालीन असिस्टेंट डायरेक्टर न्यूज़ श्री मज़हर महमूद साहब और उस वक़्त के दूरदर्शन केंद्र भोपाल के न्यूज़ डायरेक्टर श्री मनीष गौतम जी का शुक्रगुज़ार रहूँगा जिन्होंने मेरी प्रतिभा को पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया।
डीडी न्यूज़ के इस चार साल के सफर में कुछ गम और डरावने वक़्त को भी गुज़रते देखा। एक ऐसा लम्हा भी आया, जब लगा कि शायद अब सबकुछ खत्म हो गया. खुद को टूट कर बिखरता पाया। पापा का साथ (24 मई 2016) छूट गया. एक साल से ज़्यादा का अरसा गुज़र गया, लेकिन पापा की जुदाई आज भी मुझे रुलाती रहती है. बड़ा हो गया हूँ लेकिन दिल के अंदर का बच्चा अब भी अपने पिता को ढूंढता है.
कहते हैं ज़िंदगी इम्तेहान का दूसरा नाम है. तूफ़ान और भी आये. लेकिन मैं शुक्रगुज़ार रहूँगा डीडी न्यूज़ के अपने सभी सहकर्मियों का विशेष रूप से Faheem Ahmad, Zaheer Ashfaque, बड़ी बहन समान Anchor Reshma Farooqui मैडम का, Rashid भाई, Shameem भाई, Azwar भाई, Pradeep भईया, वीडियो एडिटर Lokesh उर्फ़ Lucky भाई और Sanjay भईया का, जो मज़बूती से मेरे साथ खड़े रहे और मानसिक रूप से इस तूफ़ान से लड़ने का मुझमें हौसला बढ़ाते रहे.
बस चलते चलते यही कहूंगा कि बहुत कुछ सीखा यहाँ, बल्कि कहूं कि सीख रहा हूँ जॉब और जीवन दोनों में रोज़ एक नया अनुभव!!!
एक बार फिर से शुक्रिया, आप सब का शुक्रिया, शुक्रिया मेरे खुदा।


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